Monday, January 3, 2022

खोने का गम न करना - Love you Hamesha

पहली मोहब्बत 
या पहली बार धड़का दिल जोर 
देखते उन्हे जब भी
जुबान पड़े कमज़ोर

कुछ कह पाते दिल की बात 
लबों ही लबों में करते इकरार
दिल ही दिल रह गया अफसोस
आज तकते बन रास्ते 
बस एक टक निहारते

आज चले जाते है सामने से
संग दोस्त हमारा यूं इतराता
दिया था भरोसा जिसे 
इजहार ए इश्क
दिल ए जिगर को बताने का 

प्यार करो तो हिम्मत भी रखना
इजहार करना तो खुद करना
कभी किसी दोस्त को न देना
है भरोसा गर इतना तो
भरोसा में खोने का गम न करना।

रजनीश राय
२१ नवंबर २०२१

ये सुबह और संग प्यार की चाय - ek cup chai ya coffee

वो चिड़ियों की चहचहाट 
संग धुप की किरणें 
आना छुप परदे की ओट 
ओस की बुँदे का फिसलन
खिड़की के कांच  
संग शीत लहर की सरसराहट  

आज इतवार बेखबर नींद भी 
स्वपन में आज सिर्फ प्यार ही 
नींद को उड़ाती खुले बालों की खुशबू 
संग दूर आवाज पायल की 
अँखियों को भींचे देख हुए चंचल 
आती प्याली चाय उनके हाथ की 

देखा जो उनको सामने 
आये आँखों संग समय के पैमाने 
न जाने कितने मौसम बदले 
कभी आजमाइश वक्त से 
वह हर लम्हे प्यारे 
दुआ करें बदले कभी न 
उनके प्रति हर वचन हमारे 

ये सुबह और संग प्यार की चाय 
ख़ुशी के पल मोहब्बत के साये 
नज़र न लगे खुद की ही न कभी 
चाहे लाख जले हमसे दुनिंया सभी 

रजनीश राय 
२४/१२/२०२१ 
१९:५५ 

चाय और तुम