वो चिड़ियों की चहचहाट
संग धुप की किरणें
आना छुप परदे की ओट
संग धुप की किरणें
आना छुप परदे की ओट
ओस की बुँदे का फिसलन
खिड़की के कांच
संग शीत लहर की सरसराहट
खिड़की के कांच
संग शीत लहर की सरसराहट
आज इतवार बेखबर नींद भी
स्वपन में आज सिर्फ प्यार ही
नींद को उड़ाती खुले बालों की खुशबू
संग दूर आवाज पायल की
अँखियों को भींचे देख हुए चंचल
आती प्याली चाय उनके हाथ की
देखा जो उनको सामने
नींद को उड़ाती खुले बालों की खुशबू
संग दूर आवाज पायल की
अँखियों को भींचे देख हुए चंचल
आती प्याली चाय उनके हाथ की
देखा जो उनको सामने
आये आँखों संग समय के पैमाने
न जाने कितने मौसम बदले
कभी आजमाइश वक्त से
वह हर लम्हे प्यारे
दुआ करें बदले कभी न
उनके प्रति हर वचन हमारे
ये सुबह और संग प्यार की चाय
ख़ुशी के पल मोहब्बत के साये
नज़र न लगे खुद की ही न कभी
चाहे लाख जले हमसे दुनिंया सभी
चाहे लाख जले हमसे दुनिंया सभी
रजनीश राय
२४/१२/२०२१
१९:५५
चाय और तुम
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