मेरा नाम रजनीश राय है। मेरा जन्म हरियाणा के अंबाला शहर में हुआ है।
हमेशा ही कुछ अलग लिखते रहना मेरी रूचि है परन्तु इस दर्द को उजागर करना आज की आवश्यकता थी , इस COVID रूपी त्रासदी के असहनीय दर्द को शब्दों में डालने की कोशिश की है उम्मीद है आप लोगो तक वो दर्द की टीस पहुंचगी। एक ऐसा दर्द जो बयान न हो।।।लिखना जब शुरू किया तो पता नहीं था कैसे लोगों को अपने दिल की बात या अपने उन शब्दों को कविता में ढाल पाउँगा । कोशिश की है lockdown से आज तक का असहनीय सफर पंक्तियों में बांध सकूँ।
दिन गुजरते गए दर्द बढ़ते गए पलायन होते गए किसी के दोस्त किसी के रिश्ते सदा के लिए दूर होते गए। ..
आशा करता हूँ पसंद न आये किसी को यह कवितायेँ सिर्फ दर्द को हम सब समझे या करें साँझा।
नाम : रजनीश राय
पिता जी का नाम : जीत राम राय
माताश्री का नाम : उर्मिला देवी
शिक्षा : एमबीए मार्केटिंग एंड फाइनेंस।
स्थाई निवास : हैदराबाद , तेलंगाना
ईमेल : rajnishrai71@gmail.com
इंस्टाग्राम : rajnishrai71
ट्विटर : rajnishrai71
मेरा नाम रजनीश राय है। मेरा जन्म हरियाणा के अंबाला शहर में हुआ है। हमेशा ही कुछ अलग लिखते रहना मेरी रूचि है, लिखना जब शुरू किया तो पता नहीं था कैसे लोगों को अपने दिल की बात बता पाऊंगा अपने उस छुपे से दर्द को शब्दों में बयान करूं। समय के साथ उस दर्द को धीरे-धीरे कविता के शब्द पिरोता रहा, और अब बचपन के कवि रूप के सपनों को हकीकत का रूप देने की कोशिश है। उम्मीद है आप लोगो तक वो दर्द की टीस पहुंचगी। एक ऐसा दर्द जो बयान न हो।।।
नाम : रजनीश राय
पिता जी का नाम : जीत राम राय
माताश्री का नाम : उर्मिला देवी
शिक्षा : एमबीए मार्केटिंग एंड फाइनेंस।
स्थाई निवास : हैदराबाद , तेलंगाना
ईमेल : rajnishrai71@gmail.com
इंस्टाग्राम : rajnishrai71
ट्विटर : rajnishrai71
अपने उस छुपे जज्बातों को शब्दों में बयान कर पाउँगा । समय के साथ उस प्यार,सुख, त्रासदी, दुःख या दर्द को
धीरे-धीरे कविता के शब्द पिरोता रहा, और अब बचपन के कवि रूप के सपनों को
हकीकत का रूप देने की कोशिश है। उम्मीद करता हूँ आप लोगो के दिल तक वो जज्बातों को पहुंचा पाउँगा ।।।
मेरा नाम रजनीश राय है। मेरा जन्म हरियाणा के अंबाला शहर में हुआ है।
हमेशा ही कुछ अलग लिखते रहना मेरी रूचि है परन्तु इस दर्द को उजागर करना आज की आवश्यकता थी , समाज के ब्लैक होल्स असंख्य है कुछ मुद्दों पर प्रकाश डालने की कोशिश की है शायद कवि की कविता के माध्यम से समाज की बेहतरी में कुछ योगदान दे सकूँ बस इतना सा प्रयास है असहनीय दर्द को शब्दों में डालने की कोशिश की है उम्मीद है आप लोगो तक वो दर्द की टीस पहुंचगी।
जुर्रत तो की हमने चांद पाने की
पर खुद तारे न बन सके कभी हम
हमारा प्यार था रास्ते का पत्थर
या पत्थर थे रास्ते के हम
रजनीश राय हैदराबाद से है। यह एमबीए मार्केटिंग एंड फाइनेंस है। इन्हें किताबें पढ़ना और लिखना, संगीत और स्वयं गाना बहुत पसन्द है। इन्होंने अकस्मात मृत्यु, आत्महत्या, लॉकडॉन, पलायन, बाल शौषण, जातिप्रथा और प्रेम इत्यादि पर अनेक कविताएं लिखी हैं।
ये अपने जीवन में समय के साथ प्यार,सुख, त्रासदी, दुःख या दर्द को कविता के शब्द पिरोने की कोशिश करते रहते है। उम्मीद है आप लोगो के दिल तक वो अनछुए जज्बातों को पहुंचा पाएंगे।
मेरा नाम रजनीश राय है। मेरा जन्म हरियाणा के अंबाला शहर में हुआ है। हमेशा ही कुछ अलग लिखते रहना मेरी रूचि है, लिखना जब शुरू किया तो पता नहीं था कैसे लोगों को अपने दिल की बात बता पाऊंगा अपने शब्दों को साकार रूप दे पाउँगा। समय के साथ उन शब्दों को धीरे-धीरे कविता का रूप देता गया और कविता संकलन के साथ जुड़ता रहा , इस बार प्यार रूपी परिभाषा को अलग रूप देने की कोशिश है। उम्मीद है आप लोगो तक वो प्यार की कशिश पहुंचगी।
उपलब्धि : अमोदिनी स्याही , Charm in your Arms, The Black Hole of our Society, बीते लम्हों की याद में, Panademic , Love you Hamesha, मेरी बेबाक कलम इत्यादि
हमेशा ही कुछ अलग लिखते रहना आपकी रूचि है, लिखना जब शुरू किया तो पता नहीं था कैसे लोगों को अपने दिल की बात पहुंचा सकेंगे। समय के साथ उन शब्दों को धीरे-धीरे कविता का रूप देते गए और कविता संकलन के साथ जुड़ते रहे , इस बार प्यार रूपी परिभाषा को अलग रूप देने की कोशिश है। उम्मीद है आप लोगो तक उनकी वो प्यार की कशिश पहुंचगी।